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Archive for September, 2008

PHOONK फूंक

Posted by cls On September - 11 - 2008

यह फूंक कोई बच्चों का खेल नहीं

PHOONK
फूंक
कलाकार : सुदीप , अश्विनी कालसेकर , एहसास चानना
डाइरेक्टर : रामगोपाल वर्मा
अवधि : 121मिनट
रेटिंग : *

अगर आप रामू की इस फिल्म को देखने जा रहे हैं तो यह जान लें कि यहां डरना पूरी तरह मना है। Read the rest of this entry »

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मुंबई मेरी जान

Posted by cls On September - 11 - 2008

जरा हट के जरा बच के ये है मुंबई…
mumbai meri jaan
मुंबई मेरी जान
कलाकार : माधवन , के . के . मेनन , सोहा अली
डाइरेक्टर : निशिकांत कामत
रेटिंग :**

सत्तर के दशक में ख्वाजा अहमद अब्बास ने मुंबई रात की बांहों में टाइटिल से एक फिल्म बनाई , यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर कोई करिश्मा नहीं कर पाई हो , लेकिन पहली बार दर्शकों ने समुद्र किनारे बसे चौबीस घंटे जगने वाले इस शहर की जिंदादिली और रंगीनी को पर्दे पर देखा। Read the rest of this entry »

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आप घर के बाहर भले ही …..

Posted by cls On September - 7 - 2008
क्रान्तिकारी संत मुनि श्री तरुणसागर (Muni Tarunsagar)
  1. आप घर से बाहर भले ही डॉक्टर,doctor वकील,advocate व्यापारी businessman और बुद्धिजीवी बने रहे लेकिन शाम को जब घर पहुंचे तो अपने पेशे को बाहर छोडकर ही घर में प्रवेश करें । कारण कि वहां तुम्हारे दिमाग की नहीं दिल की जरुरत है । Read the rest of this entry »

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मन ही बन्धन और मोक्ष का कारण है
(गोलोकवासी परम भागवत संत श्रीरामचन्द्र केशव डोंगरेजी महाराज)
(कल्याण दिसम्बर २००५ से साभार)

आत्मा के लिये कोई वास्तविक सुख दुःख नहीं होता. सुख दुःख मन में ही होते है. सुख दुःख मन का धर्म है. मन में सुख दुःख होने पर आत्मा कल्पना करती है कि मुझे दुःख होता है.मन पर हुये सुख दुःख का आरोप अज्ञान से आत्मा अपने पर करती है. Read the rest of this entry »

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ब्रेस्टफीडिंग हर बूंद जिंदगी की !

मां के गर्भ से जन्म लिए शिशु infant की पहली जरूरत है मां का दूध। सामान्य रूप से जन्म लेने वाले बच्चे को जन्म के तीन से चार घंटे बाद ही मां का दूध पिलाया जाता है। इसके बाद छह महीने तक उसे आवश्यक रूप से मां का दूध पिलाना जरूरी है। डॉक्टरों की राय में बच्चे को दूध पिलाने से बच्च और मां दोनों कई बीमारियों से बच सकते हैं। Read the rest of this entry »

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समय अमूल्य है ..

Posted by cls On September - 4 - 2008
क्रान्तिकारी संत मुनि श्री तरुणसागर (Muni Tarunsagar)
  1. समय अमूल्य है । जिंदगी में एक वर्ष का क्या महत्त्व है ? यह इसी वर्ष फेल हुये विद्यार्थी से पूछिये । एक माह का महत्त्व जानना हो तो उस माँ से पूछिये जिसने अठ-मासिया बच्चे को जन्म दिया है । सात दिन का महत्त्व जानने के लिये किसी साप्ताहिक पत्र के सम्पादक से मिलिये । Read the rest of this entry »

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दिन में सपने देखने से दिमाग तेज़ होता है

ऑफिस में काम करने के बजाय इधर-उधर की बातों में सिर खपाने को बुरी बात माना जाता है। लेकिन फिर भी लोग काम करते-करते दूर ख्यालों में खो जाते हैं। लेकिन हालिया रिसर्च से पता चला है कि यूं दूर ख्यालों में खोना यानी दिन में ही सपने देखना बुरी बात नहीं है। Read the rest of this entry »

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नो लिफ्ट, रखे फिट

Posted by cls On September - 4 - 2008

Say No to lift,
Keeps always fit

सीढ़ियों का इस्तेमाल करके आप अपनी जिंदगी को और लंबा कर सकते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, लिफ्ट या एस्केलेटर की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने से आप ज्यादा स्वस्थ रहेंगे।

स्विट्जरलैंड के शोधकर्ताओं ने पाया कि रेग्युलर सीढ़ियां चढ़ने से फिट रहा जा सकता है। Read the rest of this entry »

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Eggs मुर्गी के अंडे!

Posted by cls On September - 4 - 2008

मुर्गी के अंडे!
टीचर : रामू , एक मुर्गी रोज दो अण्डे दे तो वह हफ्ते मे कितने अंडे देगी ?
रामू : सर , बारह।
टीचर : वह कैसे ?
रामू : जी , वह रविवार की छुट्टी भी तो मनाएगी न सर।

सब इसी जेल में हैं
जेल मे एक कैदी ने दूसरे कैदी से पूछा , ‘ तुमसे कोई मिलने क्यों नहीं आता ? क्या तुम्हारा कोई रिश्तेदार नहीं है ?’
दूसरे कैदी ने जवाब मे कहा , ‘ बहुत हैं पर सारे इसी जेल में हैं। ‘
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क्या जमाना आ गया
क्या जमाना आ गया ? मुझे जिन-जिन लोगों से पैसे लेने हैं , वे मुझे देखते ही भाग जाते हैं। ‘
‘ तो फिर तुम क्या करते हो ?’
‘ करना क्या है , मुझे भी जिन-जिन लोगों को पैसे देने हैं , उसी तरह उन्हें देखते ही दूसरे रास्ते से निकल जाता हूं। ‘

बीवी के डांटने पर भी मुंह न खोलें
संता की शादी होने वाली थी। वह एक मनोचिकित्सक के पास पहुंचा। बोला: मैं अपनी मैरिज लाइफ को कामयाब कैसे बना सकता हूं ? Read the rest of this entry »

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