HindiWeb.net

Your Information Partner

Archive for August, 2009

Free Download Links

http://ul.to/d5ybqu/Mohandas-2009-320Kbps(eSoft.in).zip
Or

http://hotfile.com/dl/10003881/89b6d45/Mohandas-2009-320Kbps(eSoft.in).zip.html

Or

http://www.easy-share.com/1907283866/Mohandas-2009-320Kbps(eSoft.in).zip

Or
http://rapidshare.com/files/265931287/Mohandas-2009-320Kbps_eSoft.in_.zip 

Play Music

Popularity: 9% [?]

FOX – 2009 – MP3 – Free Download

Posted by cls On August - 17 - 2009

Play Music

Cast: Sunny Deol, Arjun Rampal, Sagarika Ghatge, Udita Goswami,Vipul Gupta
Year: 2009
Music: Monty Sharma
Lyrics: Sandeep Nath
Story: Deepak Tijori
Dialogues: Kamal Pandey
Banner: Zee Motion Pictures
Presenter: Rohit Kumar
Direction: Deepak Tijori

Track Listing & Download Links: 

Jashn Jashn - Akruti Kakkar 

http://media.downloadming.com/audio%20songs/bollywood%20mp3/

Fox%20%282009%29/01%20-%20Jashn%20Jashn%20-%20www.downloadming.com.mp3

Yadein- KK 

http://media.downloadming.com/audio%20songs/bollywood%20mp3/

Fox%20%282009%29/02%20-%20Yadein%20-%20www.downloadming.com.mp3

Josh Josh - Kunal Ganjawala, Sunidhi Chauhan 

http://media.downloadming.com/audio%20songs/bollywood%20mp3/

Fox%20%282009%29/03%20-%20Josh%20Josh%20-%20www.downloadming.com.mp3

Advocat De Satan - Kunal Ganjawala 

http://media.downloadming.com/audio%20songs/bollywood%20mp3/

Fox%20%282009%29/04%20-%20Advocat%20De%20Satan%20-%20www.downloadming.com.mp3

Zindagi-Kunal Ganjawala, Shreya Ghosal

http://media.downloadming.com/audio%20songs/bollywood%20mp3/

Fox%20%282009%29/05%20-%20Zindagi%20-%20www.downloadming.com.mp3

Download All Songs  
(128 Kbps) –MediaFire Link 

http://www.mediafire.com/download.php?ezkiyzjz23m

(320 Kbps) – Easyshare Link
http://www.easy-share.com/1907340284/Fox [2009-MP3-320Kbps]
[kingofmoviesandmusic].rar

Popularity: 11% [?]

Fox (2009) mp3 Songs- Play & Download

Posted by cls On August - 17 - 2009

Music: Monty Sharma  Cast: Sunny Deol, Arjun Rampal, Sagarika Ghatge, Udita Goswami

TRACK LISTING:

Advocat De Satan
Artist(s): Kunal Ganjawala
Lyricist: Sandeep Nath 

Zindagi
Artist(s): Kunal Ganjawala, Shreya Ghoshal
Lyricist: Sandeep Nath 

Jashn Jashn
Artist(s): Akriti Kakkar
Lyricist: Sandeep Nath 

Josh Josh
Artist(s): Sunidhi Chauhan, Kunal Ganjawala
Lyricist: Sandeep Nath 

Yadein
Artist(s): Kay Kay
Lyricist: Sandeep Nath 

FREE DOWNLOAD

Popularity: 6% [?]

THE IMPORTANCE OF FOUR

Posted by cls On August - 17 - 2009
  1. REMEMBER FOUR THINGS:
    a) To respect the elders
    b) To protect and love the young
    c)To take advice from the intelligent
    d) To never quarrel with foolish persons.
  2. FOUR THINGS SEEM WEAK INITIALLY, BUT IF NEGLECTED CAUSES SORROW:
    a) Fire   
    b) disease   
    c) debt   
    d) sin.
  3. PRACTICE FOUR THINGS:
    a) Being in company of learned and wise men
    b) Contentment   
    c) Charity   
    d) Compassion.
  4. FOUR THINGS INTOXICATES A MAN:
    a) Youth   
    b) Wealth   
    c) Power   
    d) Imprudence.
  5. FORTUNATE TO HAVE FOUR THINGS:
    a) Having devotion to God
    b) Being in company of learned
    c) Purity of charater
    d) Magnanimity.
  6. FOUR QUALITIES ARE RARE:
    a) Wealth acquired by pure means
    b) Modesty in charity
    c) Kindness in Bravery
    d) Humbleness in Authority.
  7. DONT BELIEVE IN FOUR THINGS:
    a) Unconquered Mind
    b) Love of an enemy
    c) Flattery of a selfish man
    d) Road side Astrologer.
  8. REMEMBER FOUR THINGS:
    a) Favour done by others to you
    b) Ill-treating others   
    c) Death   
    d) God.
  9. AVOID FOUR THINGS :
    a) An Atheist
    b) Wealth accumulated through wrong means
    c) Women other than your own wife
    d) Criticizing others.
  10. NO CONTROL OVER FOUR THINGS:
    a) LIFE   
    b) DEATH   
    c) FAME   
    d) UNPOPULARITY.
  11. FOUR THINGS ARE TRULY RECOGNIZED IN FOUR SITUATIONS:
    a) Friend in Poverty
    b) Wife in Penury and Indigence
    c) Bravery in a battlefield
    d) Relatives in Notoriety.
  12. BENEDICTION IN FOUR THINGS:
    a) Control over speech
    b) Little sleep   
    c) Little food   
    d) Remembering God in solitude.

Popularity: 3% [?]

MONEY OR WEALTH (WHAT IT CAN BUY)

Posted by cls On August - 16 - 2009
  1. Wealth can purchase a ‘bed‘ but not ‘sleep‘.
  2. Wealth can purchase ‘books‘ but not ‘knowledge‘.
  3. Wealth can purchase ‘foodstuffs‘ but not the power of ‘digestion‘.
  4. Wealth can purchase ‘medicines‘ but not ‘health‘.
  5. Wealth can purchase a ‘house‘ but not a ‘home‘.
  6. Wealth can purchase ‘luxuries‘ but not ‘civilization‘.
  7. Wealth can purchase ‘pleasures‘ but not ‘happiness‘.
  8. Wealth can purchase ‘cosmetics‘ but not ‘Beauty‘.
  9. Wealth can purchase a ‘temple‘ but not ‘purity‘.
  10. Wealth can purchase an ‘obedient attendant‘ but not ‘respect’.
  11. Wealth can purchase a ‘servant’ but not a ‘friend’.
  12. Wealth can purchase ‘Positions’ but not ‘equality’.
  13. Wealth can purchase ‘sensual pleasures’ but not ‘love’.
  14. Wealth can purchase ‘MEN’ but not ‘BELIEF’.
  15. Wealth can purchase ‘commodities’ but not ‘PEACE’.
  16. Wealth can purchase ‘social status’ but not ‘nobility‘.
  17. Wealth can purchase ‘credit’ but not ‘respect’.
  18. Wealth can purchase ‘titles’ but not ‘greatness’.
  19. Wealth can purchase ‘service’ but not respect for the ‘MASTER’.
  20. Wealth can purchase ‘power’ but not ‘influence’.
  21. Wealth can purchase a ‘human’ but not ‘humanity’.

Popularity: 3% [?]

Tips for finding the right job

Posted by cls On August - 16 - 2009

Popularity: 4% [?]

Date of Publication:
13 August 2009

Closing Date for receipt of
Applications in the Commission Office:

14 Sept 2009

HSSC HARYANA STAFF SELECTION COMMISSION JBT TEACHERS RECRUITMENT

Popularity: 5% [?]

SBI 11000 Clerk Recruitment

Posted by cls On August - 16 - 2009

State Bank of India (SBI) needs 11000 Clerk – August 2009.
Download Application Form and Challan Form to Apply Online

Online Application Starts:
August 01, 2009

Online Application Last Date :
September 09, 2009

Date of Written Examination:
November 08,2009 and November 15, 2009

Age Limit (As on October 01, 2009) :
18-28 Years (Relaxation for difference categories)



SBI 11000 Clerk Recruitment

Popularity: 4% [?]

Swine Flu – Facts , Precautions and Treatments 04

Posted by cls On August - 16 - 2009

क्या  दो बार स्वाइन फ्लू हो सकता है ?
जब भी शरीर में किसी वायरस की वजह से कोई बीमारी होती है , शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र उस वायरस के खिलाफ एक प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। इसलिए जब तक स्वाइन फ्लू के वायरस में कोई ऐसा बदलाव नहीं आता , जो अभी तक नहीं देखा गया , किसी को दो बार स्वाइन फ्लू होने की आशंका नहीं रहती।

आयुर्वेदिक उपचार:

बचाव के उपाय : इनमें से एक समय में एक ही उपाय आजमाएं।

  1. 4-5 तुलसी के पत्ते , 5 ग्राम अदरक , चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो – तीन बार पीएं।
  2. गिलोय ( अमृता ) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पीएं।
  3. गिलोय सत्व दो रत्ती यानी चौथाई ग्राम पौना गिलास पानी के साथ लें।
  4. 5-6 पत्ते तुलसी और काली मिर्च के 2-3 दाने पीसकर चाय में डालकर दिन में दो – तीन बार पीएं।
  5. आधा चम्मच हल्दी पौना गिलास दूध में उबालकर पीएं।
  6. आधा चम्मच हल्दी को गरम पानी या शहद में मिलाकर भी लिया जा सकता है।
  7. एक लीटर पानी में आधा चम्मच सूखा धनिया उबालकर रख लें। उसे थोड़ा – थोड़ा कर दिन में पीएं। इसमें 1-2 इलायची भी डाल सकते हैं।
  8. आधा चम्मच आंवला पाउडर को आधा कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार पीएं। इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  9. हल्का – सा जुकाम और छींकें होते ही लक्ष्मीविलास रस की आधी गोली पानी से या थोड़े सौंठ मिले गरम दूध के साथ लें।
  10. आधा चम्मच सौंठ या अदरक के साथ उबालकर दूध , चाय या पानी पीएं।
  11. तुलसी का पानी दिन में तीन बार पीएं। इसे बनाने के लिए 10-15 पत्ते पानी में दो – तीन घंटे तक डाले रखें।
  12. जुकाम या नजले का हल्का असर आते ही जुशांदे की एक पुडि़या लाकर तीन गिलास पानी में उबालें व आधा रहने पर घर में सबको पिला दें। जुशांदे में गुलबनफशा होता है , जो एंटी – एलजिर्क होता है।
  13. करौंदे का सेवन किसी भी रूप में करें।
  14. धूम्र चिकित्सा
    1. गुगुल , कपूर और चार – पांच काली मिर्च गाय के उपले पर रखकर जलाएं या फिर अष्टगंध जलाएं।
    2. घर में लोबान , गुगुल , राल , पीली सरसों , राई – देवदारू , कूठ , प्रियंगु , अगर – तगर , लोध्र , नागरमोथा आदि सामग्री को उपले पर रखकर जलाएं।
    3. ऐसी धूनी दिन में सुबह – शाम दो बार तक कर सकते हैं।

स्वाइन फ्लू होने पर क्या करें:  यदि स्वाइन फ्लू हो ही जाए तो वैद्य की राय से इनमें से कोई एक उपाय करें :

  1. त्रिभुवन कीर्ति रस या गोदंती रस या संजीवनी वटी या भूमि आंवला लें , ये सभी एंटी – वायरल हैं।
  2. अस्पतालों या फ्लू प्रभावित क्षेत्र में जाने पर मास्क न मिले तो , तो मलमल के साफ कपड़े की चार तहें बनाकर उसे नाक और मुंह पर बांधें। सस्ता व सुलभ साधन है। इसे धोकर दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  3. साधारण बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।
  4. बिल्वादि टैबलेट दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।
  5. महासुदर्शन चूर्ण , श्रृंगादि भस्म।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये:  इसके लिए इनमें से कोई एक चीज लें :

  1. कच्चा आंवला , आंवला स्वरस , आंवला चूर्ण या आंवला मुरब्बा।
  2. 1 से 2 ग्राम अश्वगंध पाउडर दिन में एक बार।
  3. शतावर चूर्ण 1 से 2 ग्राम , दिन में एक बार।
  4. शतावर का सूप पीएं।

यह जरूर करें

  1. पानी ज्यादा पीएं ताकि पेशाब के रास्ते वायरस बाहर चला जाए।
  2. पेट साफ रखें , कब्ज के मरीज अपना खास ध्यान रखें। पेट खराब होने पर रोगप्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है।
  3. बाहर से आने पर हल्दी मिले पानी से हाथ धोएं। बाद में साबुन से भी हाथ धो लें।
  4. घर में फिनाइल या डिटॉल मिले पानी का पोंछा लगाएं।

पहले से बचाव के कुछ घरेलू उपाय :

  1. एक चम्मच काला नमक व एक चुटकी हल्दी पाउडर को मिलाकर जलनेति करें। पहले बायें से दायें फिर दायें से बायें नाक से निकालें। सांस के जरिए जाने वाला वायरस काफी हद तक निकल जाता है।
  2. गाय का घी दोनों नासिकाओं में दो – दो बूंदें सोते समय डालें। ध्यान रहे , घी गले में न जाकर सीधा नाक में चढ़े।
  3. रात को सोते समय पांव के तलवों की सरसों के तेल से मालिश करें। इसके बाद हल्की व हल्के कॉटन के मोजे पहनकर सो जाएं।
  4. हरी सब्जियां , फल और विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा , मौसमी , आंवला व नींबू आदि का सेवन करें।
  5. पेय पदार्थ ज्यादा लें।
  6. घर से निकलते वक्त सरसों का तेल नासिकाओं में लगाएं।

स्वाइन फ्लू होने पर दवा के साथ किए जाने वाले घरेलू उपाय
( इन उपायों को करने से रिकवरी तेज हो जाती है। ) -

  1. दिन में तीन बार सुबह उठने पर , नाश्ते के तीन घंटे बाद दोपहर में और फिर दोपहर के खाने के 3 से 4 घंटे बाद शाम को , धीरे – धीरे अनुलोम – विलोम प्राणायाम करें और गहरी सांसें लें। 5-5 मिनट तक ऐसा अभ्यास करें।
  2. सुबह खाली पेट आधी छोटी चम्मच हल्दी की गोली बनाकर पानी से लें।
  3. तुलसी के 10-12 पत्तों का रस शहद में मिलाकर सुबह – शाम लें।
  4. तुलसी के 2-4 गमले घर में रखें।

मुद्रा, प्राणायम और आसन:

  1. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जाना चाहिये। इसके लिए प्राण मुद्रा व लिंग मुद्रा , दोनों काम करेंगी।
  2. मुद्रा का प्रयोग रोज 1 से 45 मिनट तक कर सकते हैं।
  3. आसन शरीर के प्रतिरक्षा और श्वसन तंत्र को मजबूत रखने में योग मददगार साबित होता है। अगर यहां बताए गए आसन किए जाएं , तो फ्लू से पहले से ही बचाव करने में मदद मिलती है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले निम्न अभ्यास करें :
  4. कपालभाति , ताड़ासन , महावीरासन , उत्तानपादासन , पवनमुक्तासन , भुजंगासन , मंडूकासन , अनुलोम – विलोम और उज्जायी प्राणायाम तथा धीरे – धीरे भस्त्रिका प्राणायाम या दीर्घ श्वसन और ध्यान।
  5. व्याघ्रासन , यानासन व सुप्तव्रजासन। ये आसन लीवर को मजबूत करके शरीर में ताकत लाते हैं।

होम्योपैथी उपचार

कैसे करें बचाव

  1. फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखने पर इन्फ्लुएंजाइनम –200  की चार – पांच बूंदे , आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह – शाम पांच दिन तक लें। इस दवा को बच्चों समेत सभी लोग ले सकते हैं।
  2. मगर डॉक्टरों का कहना है कि फ्लू ज्यादा बढ़ने पर यह दवा पर्याप्त कारगर नहीं रहती , इसलिए डॉक्टरों से सलाह कर लें।

स्वाइन फ्लू होने पर क्या है इलाज

  1. बीमारी के शुरुआती दौर के लिए जब खांसी – जुकाम व हल्का बुखार महसूस हो रहा हो तब इनमें से कोई एक दवा डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं :
  2. - जेलसीमियम 30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  3. -  यूपीटोरियम पर्फोलेटम 30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  4. - रसटॉक्स -30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  5. अगर फ्लू के मरीज को उलटियां भी आ रही हों तो इपिकॉक -30 की चार – पांच बूंदे , दिन में तीन से चार बार ले सकते हैं।
  6. जब मरीज को सांस की तकलीफ ज्यादा हो और फ्लू के दूसरे लक्षण भी बढ़ रहे हों तो इसे फ्लू की एडवांस्ड स्टेज कहते हैं। इसके लिए आर्सेनिक एल्बम 30 की चार – पांच बूंदें , दिन में तीन – चार बार लें। यह दवा अस्पताल में भर्ती व ऐलोपैथिक दवा ले रहे मरीज को भी दे सकते हैं।
  7. जो मरीज बहकी – बहकी बातें करने लगे , उनको बैप्टीशिया -30 की चार – पांच बूंदे , दिन में तीन से चार बार दें।

क्या खाएं और क्या करे- 

  1. - घर का ताजा बना खाना खाएं।
  2. - ताजे फल , हरी सब्जियां खाएं।
  3. - मौसमी , संतरा , आलूबुखारा , गोल्डन सेव , सरदा व तरबूज और अनार अच्छे हैं।
  4. - सभी तरह की दालें खाई जा सकती हैं।
  5. - पानी ज्यादा पीएं।
  6. - नींबू – पानी , सोडा व शर्बत जैसे पेय पदार्थ पीते रहें।
  7. - दूध , चाय , सभी फलों के जूस , मट्ठा व लस्सी भी ले सकते हैं।

क्या न खाएं और न करे-

  1. - बासा खाना और काफी दिनों से फ्रिज में रखी चीजें न खाएं।
  2. - इन दिनों बाहर के खाने से बचें।
  3. - तला – भुना , पकौड़े – समोसे , कचौड़ी , छोले – भटूरे , फास्ट फूड और जंक फूड न खाएं।
  4. - बाहर के कटे हुए फल , चाट – टिक्की न खाएं
  5. - वैसे , तो इस रोग के दौरान व इससे बचने के लिए खाने – पीने पर ज्यादा रोक नहीं है पर ऑर्डर पर मंगाए जाने वाले व नॉनवेज भोजन से जरूर बचें।

कुछ अन्य तथ्य:

  1. -1918 में फैला था स्पेनिश स्वाइन फ्लू , दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने गंवाई थी जान , भारत में भी 70 लाख लोग मारे गए थे।
  2. - स्वाइन फ्लू से पीडि़त सूअर की लार और सांस के जरिए वायरस दूसरे जानवरों में फैल गया है।
    -18 मार्च 2009 को मैक्सिको में यह बीमारी शुरू हुई। उसके बाद चार महीने के अंदर पूरी दुनिया में फैल गई।

हेल्पलाइन नंबर

Chennai
King Institute of Preventive Medicine  ( 24/7 Service)
Guindy, Chennai – 32
(044) 22501520, 22501521 & 22501522

Communicable Diseases Hospital
Thondiarpet, Chennai
(044) 25912686/87/ 88, 9444459543

Government General Hospital
Opp. Central Railway Station, Chennai 03
(044) 25305000, 25305723, 25305721, 25330300

Pune
Naidu Hospital
Nr Le’Meridian, Raja Bahadur Mill, GPO, Pune – 01
(020) 26058243

National Institute of Virology
20A Ambedkar Road , Pune – 11
(020) 26006290

Kolkata
ID Hospital
57,Beliaghata, Beliaghata Road , Kolkata – 10 
(033) 23701252

Coimbatore
Government General Hospital
Near Railway Station,
Trichy Road , Coimbatore – 18
(0422) 2301393, 2301394, 2301395, 2301396

Hyderabad
Govt. General and Chest Diseases Hospital ,
Erragadda, Hyderabad
(040) 23814939

Mumbai
Kasturba Gandhi Hospital
Arthur Road, N M Joshi Marg, Jacob Circle , Mumbai – 11
(022) 23083901, 23092458, 23004512

Sir J J Hospital
J J Marg, Byculla, Mumbai – 08
(022) 23735555, 23739031, 23760943, 23768400 / 23731144 / 5555 / 23701393 / 1366

Haffkine Institute
Acharya Donde Marg, Parel, Mumbai – 12
(022) 24160947, 24160961, 24160962

Kochi
Government Medical College
Gandhi Nagar P O, Kottayam – 08
(0481) 2597311,2597312

Government Medical College
Vandanam P O, Allapuzha – 05
(0477) 2282015

Taluk Hospital
Railway Station Road , Alwaye,Ernakulam
(0484) 2624040 Â Sathyajit – 09847840051

Taluk Hospital
Perumbavoor PO , Ernakulam 542
(0484) 2523138 Â Vipin – 09447305200

Gurgaon & Delhi
All India Institute of Medical Sciences (AIIMS)
Ansari Nagar, Aurobindo Marg Ring Road , New Delhi – 29
(011) 26594404, 26861698Â Prof. R C Deka -9868397464

National Institute for Communicable Diseases
22, Sham Nath Marg,
New Delhi – 54
(011) 23971272/060/ 344/524/449/ 326

Dr. Ram Manohar Lohia Hospital
Kharak Singh Marg,
New Delhi – 01
(011) 23741640, 23741649, 23741639
Dr. N K Chaturvedi 9811101704

Vallabhai Patel Chest Institute
University Enclave, New Delhi- 07
(011) 27667102, 27667441, 27667667, 27666182

दिल्ली
राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल :011- 2340-4328
दिल्ली सरकार : 1075, 155345 और 23921401
सभी हेल्पलाइन नंबर सातों दिन और चौबीसों घंटे काम करते हैं।

Bangalore
Victoria Hospital
K R Market, Kalasipalayam, Bangalore – 02
(080) 26703294Â Dr. Gangadhar – 94480-49863

SDS Tuberculosis & Rajiv Gandhi Institute of Chest Diseases
Hosur Road, Hombegowda Nagar, Bangalore – 29
(080) 26631923 Â Dr. Shivaraj – 99801-48780

Popularity: 8% [?]

Swine Flu – Facts , Precautions and Treatments 03

Posted by cls On August - 16 - 2009

दवा के इस्तेमाल में सावधानी बरते-

स्वाइन फ्लू से पीडि़त लोगों और खासतौर पर बच्चों को टैमीफ्लू दवा दी जाती है. इस दवा का इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली वाली कुछ सावधानियां ।

  1. एक ब्रिटिश स्टडी के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के बच्चों को टैमीफ्लू दवा देते समय इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में सतर्क रहना चाहिए।
  2. टैमीफ्लू की वजह से बच्चों में उलटी की शिकायत या फिर डिहाइड्रेशन हो सकता है।
  3. कई स्टडीज बताती हैं कि बच्चों पर स्वाइन फ्लू के साइड इफेक्ट होते हैं। मसलन , उन्हें उबकाई महसूस होना या फिर रात में बुरे सपने आ सकते हैं।
  4. डॉक्टरों के मुताबिक जब स्वाइन फ्लू के सभी लक्षण नजर आएं , तभी टैमीफ्लू दवा का कोर्स करना चाहिए।
  5. दो साल से कम उम्र के बच्चों को टैमीफ्लू नहीं दी जानी चाहिए।
  6. टैमीफ्लू का छह सप्ताह तक सेवन करने के बाद ही किसी व्यक्ति को फ्लूप्रूफ घोषित किया जा सकता है।
  7. अगर कोई व्यक्ति स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया है , तो उसे टैमीफ्लू देने से रिकवरी की रफ्तार तेज हो जाती है।
  8. स्वाइन फ्लू की गलत डोज लेने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
  9. चूंकि सरकार ने रेग्युलर केमिस्ट शॉप पर टैमीफ्लू की सेल पर बैन लगा रखा है , इस वजह से ब्लैक माकेर्ट में टैमीफ्लू बिक रही है। सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि  डाक्टर की सलाह के बिना  दवा खरीदने और खाने से बचें।

मास्क

  1. सिर्फ ट्रिपल लेयर और एन 95 मास्क ही वायरस से बचाव में कारगर हैं।
  2. सिंगल लेयर मास्क की 20 परतें लगाकर भी बचाव नहीं हो सकता है।
  3. स्वाइन फ्लू के लिए दो तरह के मास्क हैं उपलब्ध कीमत
    1. थ्री लेयर सर्जिकल मास्क 10 से 12 रुपये
    2. एन – 95 100 से 150 रुपये
  4. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सामान्य मास्क बिल्कुल कारगर नहीं होता है। लेकिन थ्री लेयर सर्जिकल मास्क को चार घंटे तक और एन – 95 मास्क को आठ घंटे तक लगाकर रख सकते हैं। इसके बाद मास्क को फेंक देना होता है।
  5. ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क लगाने से वायरस से 70 से 80 फीसदी तक बचाव रहता है और एन -95 से 95 फीसदी तक बचाव संभव है।
  6. वायरस से बचाव में मास्क तभी कारगर होता है जब उसे सही ढंग से पहना जाए। जब भी मास्क पहनें , तब इसे ऐसे बांधें कि मुंह और नाक पूरी तरह से ढक जाए क्योंकि वायरस साइड से भी अटैक कर सकते हैं।
    - एक मास्क चार से छह घंटे से ज्यादा देर तक न इस्तेमाल करें , क्योंकि खुद की सांस से भी मास्क खराब हो जाता है।
  7. अगर आपको फ्लू नहीं है , तो मास्क पहनना जरूरी नहीं है।
  8. अगर आप किसी फ्लू पेशंट की देखभाल कर रहे हैं , किसी ऐसी जगह जा रहे हैं , जहां फ्लू पेशंट्स की आमद है , या किसी भीड़ वाली जगह जा रहे हैं , तो सावधानी के लिए मास्क लगाना जरूरी हो जाता है।
  9. जब भी किसी फ्लू पीड़ित के संपर्क में आएं तो उससे मुलाकात के फौरन बाद मास्क को फेंक दें और हाथों को धोएं।
  10. ध्यान रखें कि डॉक्टरों के मुताबिक यदि आपके आस – पास कोई मरीज या संदिग्ध मरीज नहीं है , तब तक मास्क न लगाने की सलाह दी जाती है।
  11. अगर मास्क को सही तरीके से नष्ट न किया जाए या उसका इस्तेमाल एक से ज्यादा बार किया जाए तो स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा और ज्यादा होता है।
  12. मास्क तब जरूर पहनना चाहिए , जब उन्हें खांसी हो रही हो।
  13. मास्क को बहुत ज्यादा टाइट पहनने से यह थूक के कारण गीला हो सकता है।
  14. अगर यात्रा के दौरान लोग मास्क पहनना चाहें तो यह सुनिश्चित कर लें कि मास्क एकदम सूखा हो। अपने मास्क को बैग में रखें और अधिकतम चार बार यूज करने के बाद इसे बदल दें।
  15. चाहे पालतू जानवर हों या गली के कुत्ते वगैरह , उनके मुंह के संपर्क में न आएं। न ही अपना प्यार जताने के लिए उन्हें किस करें।

फ्लू वायरस H1N1 कैसे असर करता है ?

  1. शरीर में मुंह या नाक के सहारे वायरस एंटर करता है।
  2. सांस लेने से जुड़े नलियों और फेफड़ों में प्रवेश करता है।
  3. सांस लेने के सिस्टम की कोशिकाओं पर हमला करता है।
  4. शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र वायरस के खिलाफ एक्टिव हो जाता है और इसे खत्म करने की कोशिश करता है।
  5. अगर वायरस की वजह से फेफड़ों की बहुत सारी कोशिकाएं मृत हो जाती हैं , तो व्यक्ति मर सकता है।

वायरस के बारे में कुछ खास बाते-

  1. वायरस के बहुत सूक्ष्म रूप धारण करने और अलग – अलग रूपों में बदलते , विकसित होने की क्षमता के कारण डॉक्टर हमेशा वायरस का मूल खोजते हैं।
  2. वायरस तीन प्रकार के होते हैं – ए , बी और सी.
  3. इसमें से ए और बी के कारण खास तौर पर एपिडेमिक ( महामारी ) फैलती है।
  4. ए इंसानों और जानवरों सभी में पाया जाता है।
  5. बी इंसानों में ही अमूमन पाया जाता है।
  6. ए – एच 1 एन 1 स्वाइन इनफ्लुएंजा.
    1. एच हीमेगग्लूटिनिन प्रोटीन वायरस को उसकी होस्ट सेल ( वह कोशिका जिसमें वायरस सबसे पहले एंटर करता है ) से अटैच करता है।
    2. 1 स्पेसिफिक एच और एन प्रोटीन टाइप के बारे में बताता है।
    3. एन न्यूरामिनिडेस प्रोटीन नए बने वायरस को होस्ट सेल से बाहर निकलने में मदद करता है स्वाइन इनफ्लुएंजा स्ट्रेन के बारे में बताता है

वायरस की साइकल

  1. सबसे पहले वायरस होस्ट सेल से अटैच हो जाता है और धीमे – धीमे सेल उसे अपने अंदर ले लेती है।
  2. वायरस का आरएनए रिलीज होता है और होस्ट सेल के न्यूक्लियर में पहुंच जाता है।
  3. यहां पहुंचकर यह सेल का इस्तेमाल वायरस के जेनेटिक मटीरियल की कॉपी तैयार करने में करता है।
  4. यह मटीरियल आपस में जुड़कर नए वायरस तैयार करता है
  5. फिर वायरस कई बार होस्ट सेल को खत्म कर बाहर निकलते हैं और कई बार उसे नष्ट किए बिना ही बाहर आ जाते हैं और दूसरी सेल के साथ यही प्रॉसेस दोहराते हैं।
  6. सबटाइप दो सरफेस प्रोटींस या कहें कि एंटीजंस से तय होता है

कैसे डिवेलप होता है  H1N1 वायरस xxxxx

  1. मुर्गों में एवियन फ्लू होता है। इंसानों पर इस वायरस का खतरनाक असर होता है , लेकिन इस वायरस का एक स्पीशीज से दूसरी स्पीशीज में ट्रांसफर काफी मुश्किल होता है , खास तौर पर इंसान सीधे तौर पर इससे प्रभावित नहीं होते।
  2. सूअर: यह एक जानवर कई सारे वायरस के पनपने के लिए मुफीद होता है। एवियन फ्लू वायरस सूअरों में आसानी से पनपता है और दूसरे वायरस के साथ मिलकर नया स्वाइन फ्लू वायरस तैयार होता है।
  3. मनुष्य: जेनेटिक बनावट में मनुष्य और सूअर काफी समान होते हैं। इसलिए इन्फ्लुएंजा वायरस सूअरों से मनुष्यों में आसानी से ट्रांसफर हो सकता है।

FAQ – अकसर पूछे जाने वाले सवाल

  1. अगर किसी को स्वाइन फ्लू है और मैं उसके संपर्क में आया हूं , तो क्या करूं ?
    सामान्य जिंदगी जीते रहें , जब तक आपमें फ्लू के लक्षण नजर नहीं आने लगते। अगर मरीज के संपर्क में आने के 7 दिनों के अंदर आपमें लक्षण दिखते हैं , तो डॉक्टर से कन्सल्ट करें।
  2. अगर साथ में रहने वाले किसी शख्स को स्वाइन फ्लू है , तो क्या मुझे ऑफिस जाना चाहिए ?
    हां , आप ऑफिस जा सकते हैं , मगर आपमें फ्लू का कोई लक्षण दिखता है , तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं और मास्क का इस्तेमाल करें।
  3. स्वाइन फ्लू होने के कितने दिनों बाद मैं ऑफिस या स्कूल जा सकता हूं ?
    अस्पताल वयस्कों को स्वाइनफ्लू के शुरुआती लक्षण दिखने पर सामान्यत : 5 दिनों तक ऑब्जवेर्शन में रखते हैं। बच्चों के मामले में 7 से 10 दिनों तक इंतजार करने को कहा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में व्यक्ति को 7 से 10 दिन तक रेस्ट करना चाहिए , ताकि ठीक से रिकवरी हो सके। जब तक फ्लू के सारे लक्षण खत्म न हो जाएं , वर्कप्लेस से दूर रहना ही बेहतर होता है।

Popularity: 7% [?]