ॐ श्री परमात्मने नमः
श्री ब्रह्मानन्द भजनमाला
भजन संख्या १
(राग- जंगला अथवा पीलू ताल ३)
जय गणेश गणनाथ दयानिधि ।
सकल विघन कर दूर हमारे ॥ टेक ॥ जय०
प्रथम धरे जो ध्यान तुमारो ।
तिसके पूरण कारज सारे ॥ १ ॥ जय ०
लंबोदर गज वदन मनोहर ।
कर त्रिशूल परशू वर धारे ॥ २ ॥ जय ०
ऋद्धि सिद्धि दोऊ चमर डुलावे ।
मूषकवाहन परम सुखारे ॥ ३ ॥ जय ०
ब्रह्मादिक सुर ध्यावत मन में ।
ऋषि मुनि गण सब दास तुम्हारे ॥ ४ ॥ जय ०
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