ॐ श्री परमात्मने नमः
श्री ब्रह्मानन्द भजनमाला
भजन संख्या ५
(राग-जंगला ताल ३)
नारायण जिनके हिरदे में ।
सो कछु कर्म करे न करे रे ॥ टेक ॥ नारायण ०
नाव मिली जिसको जल अन्दर ।
बाहु से नीर तरे न तरे रे ॥ १ ॥ नारायण ०
पारसमणि जिनके घर मांही ।
सो धन संच करे न करे रे ॥ २ ॥ नारायण ०
सूरज को परकास भयो जब ।
दीपक जोत जरे न जरे रे ॥ ३ ॥ नारायण ०
ब्रह्मानन्द रुप जिन जान्यो ।
काशी में जाय मरे न मरे रे ॥ ४ ॥ नारायण ०
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