कलाकार : रणबीर कपूर , बिपाशा बसु , दीपिका पादुकोण , मिनिषा लांबा , कुणाल कपूर
निर्माता - निर्देशन : आदित्य चोपड़ा , सिद्धार्थ आनंद
अवधि : 150 मिनट
रेटिंग : ***
‘ चक दे इंडिया ‘ की कामयाबी के बाद एक सुपरहिट फिल्म को तलाशते बॉलिवुड के नंबर वन बैनर यशराज फिल्म्स को दूसरी हिट के लिए अभी कुछ और इंतजार करना बाकी है।
इस साल की शुरुआत में मेगा बजट , मेगा स्टारर ‘ टशन ‘ की नाकामी के बाद , फिल्म ‘ बचना ए हसीनों ‘ को हॉट करने के लिए बैनर ने पब्लिसिटी का हर हथकंडा अपनाया , लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और घटनाओं के अजीबोगरीब टर्न लेने के चलते यह फिल्म टीन एजर्स को भी अपनी ओर खींचने का दम नहीं रखती है।
तीन हसीनाओं वाली इस फिल्म के कुछ हॉट दृश्यों के चलते फैमिली क्लास भी शायद इस फिल्म को देखने थिएटरों तक ना पहुंचे। अजीब संजोग है , पिछले साल संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ सांवरिया ‘ में रणबीर कपूर ने जब अपना केरियर शुरू किया , तो सलमान ने उनकी खातिर फिल्म में छोटी सी भूमिका निभाई , वहीं इस बार रणबीर के अपोजिट सलमान की ही फिल्म है।
यश राज बैनर के साथ ‘ सलाम नमस्ते ‘ और ‘ ता रा रम पम ‘ जैसी औसत हिट फिल्मों के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद इस बार फिल्म में क्या कहना चाहते है यह समझ नहीं आता। लगता है , आनंद ने साठ के दशक में आई फिल्म तीन देवियां से प्रभावित होकर स्क्रिप्ट लिखी है। फिल्म एक ऐसे नौजवान राज ( रणबीर कपूर ) की कहानी है , जिसका जिंदगी के अलग – अलग मोड़ पर तीन हसीनाओं के साथ अफेयर चलता है। मस्तमौला स्वभाव के राज अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए माही ( मिनीषा लांबा ), राधिका ( बिपाशा बसु ) और गायत्री ( दीपिका पादुकोण ) से मिलता है और तीनों को अपने प्यार का यकीन दिलाता है।
यहां तक तो कहानी ठीक – ठाक चलती है , लेकिन बाद में राज को एहसास होता है कि उसने तीनों के साथ गलत किया और वह इनके पास माफी मांगने पहुंचता है। जरा सोचिए , क्या रीअल लाइफ में आपको कहीं ऐसा प्रेमी मिलेगा। यहीं से कहानी में ऐसा मोड़ आता है , जो अविश्वसनीय लगता है। रणबीर कपूर फिल्म के टाइटिल गाने में खूब जमे हैं।
वहीं ऑस्ट्रेलिया , इटली , स्विट्जरलैंड की खूबसूरत आउटडोर लोकेशन को फिल्म में बेहद सुंदर ढंग से पेश किया गया है। फिल्म का एक गाना खुदा जाने .. पहले से टीन एजर्स की जुबां पर है।
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