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डेयरी टेक्नॉलॉजी

Posted by cls On October - 7 - 2008

खुले बाजार एवं मांग को देखते हुए सरकार ऐसे कई सेक्टरों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे कई लोगों को रोजगार मिल सके। डेयरी इंडस्ट्री भारत की एग्रो-बेस्ड अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डेयरी उत्पादों के संग्रहण, वितरण, प्रोसेसिंग, दूध उत्पादन, पशुओं की देखभाल एवं उच्च तकनीक के रूप में आज डेयरी इंडस्ट्री एक विशष्टि रोजगार क्षेत्र बनकर उभरा है। दूध एवं अन्य डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग, प्रोडक्शन एवं पुन: आंकलन इसी इंडस्ट्री द्वारा किया जाता है। दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश भारत में डेयरी उद्योग का आकार 2011 तक दोगुना होकर 5.2 लाख करोड़ रूपए होने का अनुमान है। डेयरी इंडिया के नतीजों के मुताबिक 2011 तक दूध का बाजार बढ़कर 1.59 लाख करोड़, घी का 42,680 करोड़, पनीर का 50,500 करोड़ और दूध के पाउडर का 9,100 करोड़ रूपए हो जाएगा।

भारत में डेयरी क्षेत्र से संबंधित विशेषज्ञों की जबरदस्त मांग है। एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के एक प्रमुख हिस्से डेयरी सेक्टर में बड़े पैमाने पर डेयरी प्लांट एवं डेयरी फाउंडेशन की स्थापना हो रही है। इस क्षेत्र में लगभग 500 से लेकर 700 ऐसे डेयरी प्लांट हैं जो डेयरी फाउंडेशन और प्राइवेट कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी

आजकल डेयरी सेक्टर को बहुत ही जॉब आ॓रिएंटेड माना जा रहा है। इसीलिए इससे संबंधित पाठ्यक्रमों में छात्रों की रूचि बढ़ रही है। विभिन्न संस्थानों द्वारा इससे संबंधित कई तरह के डिप्लोमा कोर्स कराए जा रहे हैं, जिनमें मिल्क प्रोडक्शन, डेयरी इक्वीपमेंट एंड यूटीलिटीज, मिल्क प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग, डेयरी प्रोडक्ट्स, इंश्योरेंस, डेयरी मैनेजमेंट एवं मार्केटिंग से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाती है। उक्त सभी विषय डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स माड्यूल होते हैं। डेयरी टेक्नोलॉजी वेटेरनरी एंड एनीमल हसबैंड्री कोर्स का ही एक हिस्सा है जो किसी एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी द्वारा कराया जाता है। अब अनेक संस्थान और महाविद्यालय भी डेयरी टेक्नोलॉजी से संबंधित कोर्स करवा रहे हैं। इसमे कोर्स मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों-

  1. डेयरी इंजीनियरिंग (तकनीकी क्षेत्र एवं उत्पादन),
  2. डेयरी केमिस्ट्री (दुग्ध एवं क्रीम का उत्पादन स्तर एवं प्रतिशत) तथा
  3. डेयरी बैक्टीरियोलॉजी (उत्पादन स्तर बनाए रखने में बॉयोटेक्नोलॉजी की भूमिका)

आदि आते हैं। कोर्स के अंतर्गत छात्रों को मिल्क टैंकर, कोल्ड स्टोरेज आदि के रख-रखाव आदि की भी सम्यक जानकारी दी जाती है, ताकि उत्पाद के भंडारण में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

बारहवीं के बाद मौके ही मौके

इससे संबंधित कोर्स एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छात्रों को 10+2 की परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। बारहवीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्र भी इसमें अपना नामांकन करा सकते हैं। इससे संबंधित पाठ्यक्रमों में साइंस और एग्रीकल्चर स्ट्रीम के छात्रों को वरीयता दी जाती है। इग्नू दसवीं के बाद बीपीपी (बैचलर प्रिपेटरी प्रोग्राम) कोर्स करवाता है। डेयरी सेक्टर में छात्र अपनी सुविधानुसार तय अवधि में अपना कोर्स पूरा कर सकते हैं। इस क्षेत्र में पढा़ई का माध्यम- जो सिर्फ अंग्रेजी में ही होने से हिन्दी भाषी छात्रों को असुविधा होती है । ग्रामीण छात्रों के लिए यह एक बड़ा परेशानी का सबब है। इसमें डिप्लोमा करने के लिए छात्रों को लगभग 8000 से लेकर 15000 रूपये फीस का प्रबंध करना होता है। इसके अंतर्गत डेयरी सेक्टर से जुड़ी सभी जानकारियां प्रदान की जाती है।

प्रवेश प्रक्रिया

डेयरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा, स्नातक, परास्नातक एवं डॉक्टर स्तर पर कोर्स संचालित किए जाते हैं। इसमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रेंस टेस्ट होता है जिसमें बारहवीं स्तर के भौतिकी, रसायन, गणित, कृषि एवं एनिमल साइंस से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। वेटेरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा “ऑल इंडिया कॉमन प्रवेश परीक्षा तथा ’इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च द्वारा ‘ऑल इंडिया एंट्रेंस एक्जामिनेशन’ आयोजित किया जाता है। यह प्रवेश परीक्षा प्रतिवर्ष मई माह में संपन्न होती है। बारहवीं स्तर पर वोकेशनल सब्जेक्ट के रूप में डेयरी से संबंधित कोर्स भी उपलब्ध हैं।

रोजगार के अवसर व क्षेत्र

डेयरी टेक्नोलॉजी एक चुनौती भरा करियर है, जिसमे सिर्फ कुशल प्रोफेशनलों को ही रखा जाता है। प्रशिक्षण के पश्चात छात्र प्राइवेट अथवा पब्लिक सेक्टर ज्वाइन कर सकते हैं। प्रशिक्षित लोगों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए अनेक कंपनियां अपने यहां कोर्स करने वाले लोगों को नियुक्त कर रहीं हैं। प्रमुख भारतीय कंपनियां जैसे अमूल एवं मदर डेयरी जैसे संस्थानों में हर वर्ष सैकड़ों प्रोफेशनल्स की मांग हैं। इसके अलावा हमारे यहां अनेक डेयरी फाउंडेशन तथा प्लांट हैं जिनके यहां प्रोफेशनलों की जरूरत पड़ती है। प्रशिक्षण के उपरांत नौकरी न पाने की दशा में अपना प्लांट भी लगाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त डेयरी फेडरेशन को-ऑपरेटिव रूरल बैंक, मिल्क प्रोडक्ट प्रोसेसिंग एंड मैनुफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज रूरल डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री से जुड़े विभाग, एग्रीकल्चरल डिपार्टमेंट व फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री आदि में हर वर्ष इससे संबंधित प्रोफेशनलों की मांग होती है। अधिकांश संख्या में डेयरी टेक्नोलॉजिस्ट स्वरोजगार के रूप में अपना व्यवसाय जैसे क्रीमरी, आइसक्रीम यूनिट के रूप में अथवा प्रशिक्षक के रूप में करियर बनाने की कोशिश करते हैं।

वेतन

डेयरी प्लांट में डेयरी टेक्नोलॉजी से संबंधित स्नातक छात्र सामान्यत: पहले ट्रेनी के रूप में ज्वाइन करते हैं। बाद में वे ऑफिसर के पद पर प्रोन्नति पाते हैं। एक ट्रेनी को सामान्यत: 2000 रूपये प्रतिमाह, ऑफिसर रैंक के व्यक्ति को 6000 से 7000 रूपये तथा जनरल मैनेजर को प्रतिमाह 15000 रूपये से अधिक वेतन मिलता है।

पाठ्यक्रम का नाम योग्यता अवधि
बैचलर इन प्रिपेटरी प्रोग्राम 10 वीं 2 वर्ष
डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी 10+2 2 वर्ष
बी.एस.सी. इन डेयरी टेक्नोलॉजी 10+2 4 वर्ष
बी.टेक. इन डेयरी टेक्नोलॉजी 10+2 4 वर्ष
एम.टेक. इन डेयरी टेक्नोलॉजी स्नातक 2 वर्ष
एम.एस.सी. इन डेयरी टेक्नोलॉजी स्नातक 2 वर्ष
बैचलर ऑफ वेटेरनरी साइंस एंड 10+2 4 वर्ष

प्रशिक्षण संस्थान

ऐसे कई संस्थान हैं जो डेयरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा, स्नातक तथा परास्नातक संबंधी कोर्स करवाते हैं। कुछ प्रमुख संस्थानों की सूची इस प्रकार है –

  1. कॉलेज ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, कृषकनगर, रायपुर, मध्य प्रदेश- 492012 फोन: (0771) 2424377
  2. कॉलेज ऑफ वेटेरनरी साइंस, तिरूपति, आंध्र प्रदेश- 517502 फोन: (0877) 2248068
  3. संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, लोहिया नगर, पटना, बिहार- 800020 फोन:(0612) 221017, 225910
  4. नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल, हरियाणा – 132001 फोन: (0184) 2252800, 2259002
  5. सेठ एमसी कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस, आनंद कैंपस, आनंद, गुजरात – 388110 फोन: (02692) 221666, 221251
  6. यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस, गांधी कृषि विज्ञान केन्द्र, बैंगलोर, कर्नाटक 560065 फोन: (080) 2448321, 2448423
  7. गुजरात एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, सरदार कृषि नगर, गुजरात-385506 फोन: (02748) 278234, 278261
  8. इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट, इलाहाबाद- 211002 फोन: (0532) 2684281
  9. इंदिरा गांधी नेशनल आ॓पेन यूनिवर्सिटी (इग्नू), मैदानगढ़ी, नई दिल्ली-110068 फोन: (011) 29533167

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