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Swine Flu – Facts , Precautions and Treatments 04

Posted by cls On August - 16 - 2009

क्या  दो बार स्वाइन फ्लू हो सकता है ?
जब भी शरीर में किसी वायरस की वजह से कोई बीमारी होती है , शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र उस वायरस के खिलाफ एक प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। इसलिए जब तक स्वाइन फ्लू के वायरस में कोई ऐसा बदलाव नहीं आता , जो अभी तक नहीं देखा गया , किसी को दो बार स्वाइन फ्लू होने की आशंका नहीं रहती।

आयुर्वेदिक उपचार:

बचाव के उपाय : इनमें से एक समय में एक ही उपाय आजमाएं।

  1. 4-5 तुलसी के पत्ते , 5 ग्राम अदरक , चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो – तीन बार पीएं।
  2. गिलोय ( अमृता ) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पीएं।
  3. गिलोय सत्व दो रत्ती यानी चौथाई ग्राम पौना गिलास पानी के साथ लें।
  4. 5-6 पत्ते तुलसी और काली मिर्च के 2-3 दाने पीसकर चाय में डालकर दिन में दो – तीन बार पीएं।
  5. आधा चम्मच हल्दी पौना गिलास दूध में उबालकर पीएं।
  6. आधा चम्मच हल्दी को गरम पानी या शहद में मिलाकर भी लिया जा सकता है।
  7. एक लीटर पानी में आधा चम्मच सूखा धनिया उबालकर रख लें। उसे थोड़ा – थोड़ा कर दिन में पीएं। इसमें 1-2 इलायची भी डाल सकते हैं।
  8. आधा चम्मच आंवला पाउडर को आधा कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार पीएं। इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  9. हल्का – सा जुकाम और छींकें होते ही लक्ष्मीविलास रस की आधी गोली पानी से या थोड़े सौंठ मिले गरम दूध के साथ लें।
  10. आधा चम्मच सौंठ या अदरक के साथ उबालकर दूध , चाय या पानी पीएं।
  11. तुलसी का पानी दिन में तीन बार पीएं। इसे बनाने के लिए 10-15 पत्ते पानी में दो – तीन घंटे तक डाले रखें।
  12. जुकाम या नजले का हल्का असर आते ही जुशांदे की एक पुडि़या लाकर तीन गिलास पानी में उबालें व आधा रहने पर घर में सबको पिला दें। जुशांदे में गुलबनफशा होता है , जो एंटी – एलजिर्क होता है।
  13. करौंदे का सेवन किसी भी रूप में करें।
  14. धूम्र चिकित्सा
    1. गुगुल , कपूर और चार – पांच काली मिर्च गाय के उपले पर रखकर जलाएं या फिर अष्टगंध जलाएं।
    2. घर में लोबान , गुगुल , राल , पीली सरसों , राई – देवदारू , कूठ , प्रियंगु , अगर – तगर , लोध्र , नागरमोथा आदि सामग्री को उपले पर रखकर जलाएं।
    3. ऐसी धूनी दिन में सुबह – शाम दो बार तक कर सकते हैं।

स्वाइन फ्लू होने पर क्या करें:  यदि स्वाइन फ्लू हो ही जाए तो वैद्य की राय से इनमें से कोई एक उपाय करें :

  1. त्रिभुवन कीर्ति रस या गोदंती रस या संजीवनी वटी या भूमि आंवला लें , ये सभी एंटी – वायरल हैं।
  2. अस्पतालों या फ्लू प्रभावित क्षेत्र में जाने पर मास्क न मिले तो , तो मलमल के साफ कपड़े की चार तहें बनाकर उसे नाक और मुंह पर बांधें। सस्ता व सुलभ साधन है। इसे धोकर दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  3. साधारण बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।
  4. बिल्वादि टैबलेट दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।
  5. महासुदर्शन चूर्ण , श्रृंगादि भस्म।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये:  इसके लिए इनमें से कोई एक चीज लें :

  1. कच्चा आंवला , आंवला स्वरस , आंवला चूर्ण या आंवला मुरब्बा।
  2. 1 से 2 ग्राम अश्वगंध पाउडर दिन में एक बार।
  3. शतावर चूर्ण 1 से 2 ग्राम , दिन में एक बार।
  4. शतावर का सूप पीएं।

यह जरूर करें

  1. पानी ज्यादा पीएं ताकि पेशाब के रास्ते वायरस बाहर चला जाए।
  2. पेट साफ रखें , कब्ज के मरीज अपना खास ध्यान रखें। पेट खराब होने पर रोगप्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है।
  3. बाहर से आने पर हल्दी मिले पानी से हाथ धोएं। बाद में साबुन से भी हाथ धो लें।
  4. घर में फिनाइल या डिटॉल मिले पानी का पोंछा लगाएं।

पहले से बचाव के कुछ घरेलू उपाय :

  1. एक चम्मच काला नमक व एक चुटकी हल्दी पाउडर को मिलाकर जलनेति करें। पहले बायें से दायें फिर दायें से बायें नाक से निकालें। सांस के जरिए जाने वाला वायरस काफी हद तक निकल जाता है।
  2. गाय का घी दोनों नासिकाओं में दो – दो बूंदें सोते समय डालें। ध्यान रहे , घी गले में न जाकर सीधा नाक में चढ़े।
  3. रात को सोते समय पांव के तलवों की सरसों के तेल से मालिश करें। इसके बाद हल्की व हल्के कॉटन के मोजे पहनकर सो जाएं।
  4. हरी सब्जियां , फल और विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा , मौसमी , आंवला व नींबू आदि का सेवन करें।
  5. पेय पदार्थ ज्यादा लें।
  6. घर से निकलते वक्त सरसों का तेल नासिकाओं में लगाएं।

स्वाइन फ्लू होने पर दवा के साथ किए जाने वाले घरेलू उपाय
( इन उपायों को करने से रिकवरी तेज हो जाती है। ) -

  1. दिन में तीन बार सुबह उठने पर , नाश्ते के तीन घंटे बाद दोपहर में और फिर दोपहर के खाने के 3 से 4 घंटे बाद शाम को , धीरे – धीरे अनुलोम – विलोम प्राणायाम करें और गहरी सांसें लें। 5-5 मिनट तक ऐसा अभ्यास करें।
  2. सुबह खाली पेट आधी छोटी चम्मच हल्दी की गोली बनाकर पानी से लें।
  3. तुलसी के 10-12 पत्तों का रस शहद में मिलाकर सुबह – शाम लें।
  4. तुलसी के 2-4 गमले घर में रखें।

मुद्रा, प्राणायम और आसन:

  1. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जाना चाहिये। इसके लिए प्राण मुद्रा व लिंग मुद्रा , दोनों काम करेंगी।
  2. मुद्रा का प्रयोग रोज 1 से 45 मिनट तक कर सकते हैं।
  3. आसन शरीर के प्रतिरक्षा और श्वसन तंत्र को मजबूत रखने में योग मददगार साबित होता है। अगर यहां बताए गए आसन किए जाएं , तो फ्लू से पहले से ही बचाव करने में मदद मिलती है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले निम्न अभ्यास करें :
  4. कपालभाति , ताड़ासन , महावीरासन , उत्तानपादासन , पवनमुक्तासन , भुजंगासन , मंडूकासन , अनुलोम – विलोम और उज्जायी प्राणायाम तथा धीरे – धीरे भस्त्रिका प्राणायाम या दीर्घ श्वसन और ध्यान।
  5. व्याघ्रासन , यानासन व सुप्तव्रजासन। ये आसन लीवर को मजबूत करके शरीर में ताकत लाते हैं।

होम्योपैथी उपचार

कैसे करें बचाव

  1. फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखने पर इन्फ्लुएंजाइनम –200  की चार – पांच बूंदे , आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह – शाम पांच दिन तक लें। इस दवा को बच्चों समेत सभी लोग ले सकते हैं।
  2. मगर डॉक्टरों का कहना है कि फ्लू ज्यादा बढ़ने पर यह दवा पर्याप्त कारगर नहीं रहती , इसलिए डॉक्टरों से सलाह कर लें।

स्वाइन फ्लू होने पर क्या है इलाज

  1. बीमारी के शुरुआती दौर के लिए जब खांसी – जुकाम व हल्का बुखार महसूस हो रहा हो तब इनमें से कोई एक दवा डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं :
  2. - जेलसीमियम 30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  3. -  यूपीटोरियम पर्फोलेटम 30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  4. - रसटॉक्स -30, चार – पांच बूंदें , दिन में तीन से चार बार।
  5. अगर फ्लू के मरीज को उलटियां भी आ रही हों तो इपिकॉक -30 की चार – पांच बूंदे , दिन में तीन से चार बार ले सकते हैं।
  6. जब मरीज को सांस की तकलीफ ज्यादा हो और फ्लू के दूसरे लक्षण भी बढ़ रहे हों तो इसे फ्लू की एडवांस्ड स्टेज कहते हैं। इसके लिए आर्सेनिक एल्बम 30 की चार – पांच बूंदें , दिन में तीन – चार बार लें। यह दवा अस्पताल में भर्ती व ऐलोपैथिक दवा ले रहे मरीज को भी दे सकते हैं।
  7. जो मरीज बहकी – बहकी बातें करने लगे , उनको बैप्टीशिया -30 की चार – पांच बूंदे , दिन में तीन से चार बार दें।

क्या खाएं और क्या करे- 

  1. - घर का ताजा बना खाना खाएं।
  2. - ताजे फल , हरी सब्जियां खाएं।
  3. - मौसमी , संतरा , आलूबुखारा , गोल्डन सेव , सरदा व तरबूज और अनार अच्छे हैं।
  4. - सभी तरह की दालें खाई जा सकती हैं।
  5. - पानी ज्यादा पीएं।
  6. - नींबू – पानी , सोडा व शर्बत जैसे पेय पदार्थ पीते रहें।
  7. - दूध , चाय , सभी फलों के जूस , मट्ठा व लस्सी भी ले सकते हैं।

क्या न खाएं और न करे-

  1. - बासा खाना और काफी दिनों से फ्रिज में रखी चीजें न खाएं।
  2. - इन दिनों बाहर के खाने से बचें।
  3. - तला – भुना , पकौड़े – समोसे , कचौड़ी , छोले – भटूरे , फास्ट फूड और जंक फूड न खाएं।
  4. - बाहर के कटे हुए फल , चाट – टिक्की न खाएं
  5. - वैसे , तो इस रोग के दौरान व इससे बचने के लिए खाने – पीने पर ज्यादा रोक नहीं है पर ऑर्डर पर मंगाए जाने वाले व नॉनवेज भोजन से जरूर बचें।

कुछ अन्य तथ्य:

  1. -1918 में फैला था स्पेनिश स्वाइन फ्लू , दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने गंवाई थी जान , भारत में भी 70 लाख लोग मारे गए थे।
  2. - स्वाइन फ्लू से पीडि़त सूअर की लार और सांस के जरिए वायरस दूसरे जानवरों में फैल गया है।
    -18 मार्च 2009 को मैक्सिको में यह बीमारी शुरू हुई। उसके बाद चार महीने के अंदर पूरी दुनिया में फैल गई।

हेल्पलाइन नंबर

Chennai
King Institute of Preventive Medicine  ( 24/7 Service)
Guindy, Chennai – 32
(044) 22501520, 22501521 & 22501522

Communicable Diseases Hospital
Thondiarpet, Chennai
(044) 25912686/87/ 88, 9444459543

Government General Hospital
Opp. Central Railway Station, Chennai 03
(044) 25305000, 25305723, 25305721, 25330300

Pune
Naidu Hospital
Nr Le’Meridian, Raja Bahadur Mill, GPO, Pune – 01
(020) 26058243

National Institute of Virology
20A Ambedkar Road , Pune – 11
(020) 26006290

Kolkata
ID Hospital
57,Beliaghata, Beliaghata Road , Kolkata – 10 
(033) 23701252

Coimbatore
Government General Hospital
Near Railway Station,
Trichy Road , Coimbatore – 18
(0422) 2301393, 2301394, 2301395, 2301396

Hyderabad
Govt. General and Chest Diseases Hospital ,
Erragadda, Hyderabad
(040) 23814939

Mumbai
Kasturba Gandhi Hospital
Arthur Road, N M Joshi Marg, Jacob Circle , Mumbai – 11
(022) 23083901, 23092458, 23004512

Sir J J Hospital
J J Marg, Byculla, Mumbai – 08
(022) 23735555, 23739031, 23760943, 23768400 / 23731144 / 5555 / 23701393 / 1366

Haffkine Institute
Acharya Donde Marg, Parel, Mumbai – 12
(022) 24160947, 24160961, 24160962

Kochi
Government Medical College
Gandhi Nagar P O, Kottayam – 08
(0481) 2597311,2597312

Government Medical College
Vandanam P O, Allapuzha – 05
(0477) 2282015

Taluk Hospital
Railway Station Road , Alwaye,Ernakulam
(0484) 2624040 Â Sathyajit – 09847840051

Taluk Hospital
Perumbavoor PO , Ernakulam 542
(0484) 2523138 Â Vipin – 09447305200

Gurgaon & Delhi
All India Institute of Medical Sciences (AIIMS)
Ansari Nagar, Aurobindo Marg Ring Road , New Delhi – 29
(011) 26594404, 26861698Â Prof. R C Deka -9868397464

National Institute for Communicable Diseases
22, Sham Nath Marg,
New Delhi – 54
(011) 23971272/060/ 344/524/449/ 326

Dr. Ram Manohar Lohia Hospital
Kharak Singh Marg,
New Delhi – 01
(011) 23741640, 23741649, 23741639
Dr. N K Chaturvedi 9811101704

Vallabhai Patel Chest Institute
University Enclave, New Delhi- 07
(011) 27667102, 27667441, 27667667, 27666182

दिल्ली
राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल :011- 2340-4328
दिल्ली सरकार : 1075, 155345 और 23921401
सभी हेल्पलाइन नंबर सातों दिन और चौबीसों घंटे काम करते हैं।

Bangalore
Victoria Hospital
K R Market, Kalasipalayam, Bangalore – 02
(080) 26703294Â Dr. Gangadhar – 94480-49863

SDS Tuberculosis & Rajiv Gandhi Institute of Chest Diseases
Hosur Road, Hombegowda Nagar, Bangalore – 29
(080) 26631923 Â Dr. Shivaraj – 99801-48780

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