अनचाही काल्स रोकने के तरीके बताने होंगे कंपनियों को
जैसे सिगरेट कंपनियां हर पैकेट पर ‘सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’ चेतावनी के तौर पर छापती हैं, मोबाइल आपरेटर्स को भी उपभोक्ताओं के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होना पड़ेगा। उन्हें समाज को बताना होगा कि अनचाही फोन काल्स से कैसे निपटा जाए। सरकारी निर्देशों के अनुसार इस नीति पर उन्हें एक माह के भीतर अमल शुरू करना पड़ेगा।

Tired of getting Unwanted Calls
विज्ञापन को बनाएं माध्यम:
निर्देशों के तहत मोबाइल सेवाएं देने वाली कंपनियों को अपने ग्राहकों की अवांछित काल्स से निपटने में मदद करनी होगी। उन्हें अपने हर विज्ञापन होरडिंग में ऐसा संदेश छापना होगा, जिससे टेलीमार्केटिंग कंपनियों की गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।
क्या होगा संदेश? :
‘अनचाही टेलीमार्केटिंग काल्स से बचने के लिए अपने टेलीफोन नंबर को एनडीएनसी (नेशनल डू नाट काल) रजिस्ट्री में रजिस्टर कराएं – फोन करें 1919 पर या इसी नंबर पर ‘स्टार्ट डीएनडी’ लिखकर भेजें एसएमएस।
मदद देना बंद करें :
सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी अनाधिकृत टेलीमार्केटिंग फर्म को दूरसंचार संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाए।
पिछले वर्ष शुरू हुई सख्ती
मोबाइल उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बनी टेलीमार्केटिंग कंपनियों की गतिविधियों के खिलाफ दूरसंचार मंत्रालय ने पिछले वर्ष कड़े नियम बनाए थे।सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को अपंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों का कनेक्शन समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। दूरसंचार नियामक (ट्राई) इन कंपनियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश भेजता रहा है।
क्या हैं वर्तमान नियम?
टेलीकाम अनसालिसिटिड कामर्शियल रेगुलेशन 07 के तहत उपभोक्ता द्वारा डीएनसी में पंजीयन कराने के बाद 45 दिन के भीतर अनचाही फोन काल्स बंद हो जानी चाहिए।
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