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आईआईटी अपडेट

Posted by cls On October - 6 - 2008

देश के आईआईटीज़ ने अपने यहां सीटों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। अगले तीन सालों में इनमें करीब 40 प्रतिशत सीटें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा, 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत साल 2012 तक आठ नए आईआईटी भी स्थापित किए जाने हैं। इनमें से छह में अगले साल पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे आईआईटी में प्रवेश के मौके और बढ़ जाएंगे। आइये आईआईटी एंट्रंस की तैयारी से पहले इन प्रतिष्ठित संस्थानों के बारे में विस्तार से जान लिया जाए!


Main Building IIT, Mumbai

एंट्रंस एग्ज़ाम

आईआईटी एंट्रंस के लिए परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। आईआईटी-जेईई 09 (IIT JEE 09) 12 अप्रैल 2009 को आयोजित होगा। इसके लिए आवेदन पत्रों की बिक्री 19 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच की जाएगी, जबकि 19 नवंबर से 16 दिसंबर तक फार्म डाक से मंगाए जा सकेंगे। आईआईटीज में इन फॉर्मों को 24 दिसंबर 08 तक जमा करना होगा। इस बारे में विस्तृत जानकारी आठ नवंबर 08 के समाचार-पत्रों में प्रकाशित की जाएगी।

न्यूक्लियर डील का असर

अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील फाइनल करने के साथ ही केंद्र सरकार देश में न्यूक्लियर एन्जीनियर्स तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय में न्यूक्लियर एन्जीनियरिंग का कोर्स शुरू किया जा रहा है। आईआईटी चेन्नई में भी इस कोर्स को शुरू किए जाने की संभावना है, जबकि आईआईटी कानपुर में इससे संबंधित कोर्स पहले से ही चल रहा है।

आईआईटी यानी ‘द इंडियन इंस्टिट्यूट्स ऑफ टेक्नॉलजी’ इंजीनियरिंग और तकनीक की शिक्षा देने वाले स्वायत्तशासी संस्थान होते हैं, जिन्हें भारतीय संसद ने राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का दर्जा दिया है। इन्हें आजादी के बाद भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में भागीदारी के लिए होनहार वैज्ञानिक और मंझे हुए कर्मचारी तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया था।

आईआईटी काउंसिल

हालांकि सभी आईआईटी शिक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से स्वतंत्र होते हैं। फिर भी इनके कामकाज पर नियंत्रण रखने के लिए आईआईटी काउंसिल बनाई गई है। काउंसिल के माध्यम से सभी आईआईटी स्वतंत्र होते हुए भी एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को इसका अध्यक्ष और इसी मंत्रालय के अधिकारी को सचिव बनाया जाता है। काउंसिल के मौजूदा अध्यक्ष अर्जुन सिंह हैं। विभिन्न मंत्रालयों के केंद्रीय सचिव, आईआईटी बोर्ड्स के चेअरमेन, सांसद, वैज्ञानिक और एजुकेशनिस्ट्स इसके सदस्य होते हैं। काउंसिल में केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता और केंद्र से फंड मिलने के बावजूद आईआईटीज के बोर्ड में केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं किया जाता।

ऐडमिशन टेस्ट
किसी भी आईआईटी में सीधे दाखिला नहीं लिया जा सकता। इसके लिए सामूहिक प्रवेश परीक्षा यानी आईआईटी -जॉइंट एंट्रंस एग्जाम (IIT-JEE) से गुजरना पड़ता है। यह टेस्ट अंडरग्रैजुएट बी.टेक. B.Tech और इंटीग्रेटेड एम.टेक. M.Tech कोर्सेज़ के लिए होता है। पोस्ट ग्रैजुएट कोर्सेज में ऐडमिशन ग्रैजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन एन्जीनियरिंग (GATE), जॉइंट मैनिजमंट एंट्रेस टेस्ट (JMET), जॉइंट ऐडमिशन टेस्ट टू एमएससी (JAM) और कॉमन एंट्रंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (CEED) के माध्यम से लिया जा सकता है। गेट के माध्यम से एम.टेक.M.Tech , जैम से एमएससी M.Sc. और सीड से डिजाइन कोर्सेज में ऐडमिशन दिया जाता है। इनके अलावा, शोधार्थियों को भी हर साल आईआईटी में रिसर्च का मौका मिलता है।

नए आईआईटी

देश में लंबे समय से सात आईआईटी

  1. खड्गपुर, Kharagpur
  2. मुंबई, Mumbai
  3. चेन्नै, Chennai
  4. कानपुर, Kanpur
  5. दिल्ली, Delhi
  6. गुवाहाटी Gowahati और
  7. रुड़की Roorkee

में स्थित हैं। सरकार की योजना देश में आठ और आईआईटीज़ तैयार करने की है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी को भी आईआईटी का दर्जा देने की योजना है। इसके बाद देश में आईआईटीज की कुल संख्या सात से बढ़कर 16 हो जाएगी यानी दूने से भी ज्यादा। नए आईआईटीज़ की स्थापना राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में की जाएगी। मार्च 08 में की गई अर्जुन सिंह की घोषणा के अनुसार, इनमें से तीन आईआईटीज़ (बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश) में 09 सेशन से ही पढ़ाई शुरू होनी थी। सुखद है कि यह संख्या तीन की बजाय छह हो गई है। अगले साल आईआईटी पटना, राजस्थान, पंजाब, हैदराबाद, भुवनेश्वर और गांधीनगर में भी ऐडमिशन लिए जाएंगे। हालांकि नए आईआईटीज़ में इनफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा न होने से इनकी क्लासेज़ अन्य आईआईटीज़ में चलाई जाएंगी। आईआईटी पंजाब के स्टूडंट्स के लिए दिल्ली में क्लास लगेंगी, जबकि उड़ीसा के लिए कानपुर, राजस्थान के लिए खड़गपुर और गांधीनगर के लिए आईआईटी मुंबई मेंटर का काम करेगा।

कुल सीटें

अभी तक सात आईआईटीज के लिए करीब साढ़े पांच हजार स्टूडंट्स को चुना जाता रहा है। अगले साल 13 आईआईटीज के लिए एंट्रंस एग्जाम होगा। छह नए आईआईटीज में से प्रत्येक में 120 सीटें रखी गई हैं, यानी 720 सीटों का इजाफा। वैसे, ऐडमिशन के लिए रिजर्वेशन पॉलिसी भी लागू की जाती है। आईआईटीज आमतौर पर चार मेरिट लिस्ट जारी करते हैं। पहली, सामान्य वर्ग के स्टूडंट्स के लिए, दूसरी 15 फीसदी रिजर्वेशन वाले शेड्यूल कास्ट स्टूडंट्स के लिए, तीसरी 7.5 पर्सेन्ट रिजर्वेशन वाले शेड्यूल ट्राइब स्टूडंट्स के लिए और अंतिम नौ फीसदी रिजर्वेशन वाले अदर बैकवर्ड क्लासेज़ के स्टूडंट्स के लिए। नए आईआईटीज में 27 फीसदी रिजर्वेशन की पॉलिसी लागू किए जाने की संभावना है।

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