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आईआईटी की राह – एससी-एसटी के लिए आसान

Posted by cls On October - 6 - 2008

देशभर के आईआईटी संस्थानों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए दाखिले के मापदंड और आसान बनाने का फैसला किया है। खड़गपुर में रविवार को सातों आईआईटी के डायरेक्टरों की बैठक हुई। इसमें एससी/एसटी छात्रों को अप्रैल 2009 में होने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) में प्राप्त अंकों में 50 फीसदी की रियायत देने का फैसला किया गया। मौजूदा समय में यह दर 40 फीसदी है।

जेईई-2008 में जनरल कैटिगरी के आखिरी छात्र को 489 में से 172 अंक पाने पर दाखिला मिला है। एससी/एसटी छात्रों को 40 फीसदी छूट मिलने के बाद 104 अंकों पर दाखिला मिला था। जेईई 2009 में जनरल कैटिगरी की कटऑफ यही
रहने पर एससी/एसटी छात्रों के लिए कट ऑफ घटाकर 86 (172 का 50 फीसदी) कर दिया जायेगा। इसी तरह विषय के हिसाब से भी कट ऑफ में छूट दी जाएगी।

इस हिसाब से यदि जेईई 2008 में जनरल कैटिगरी के आखिरी छात्र को मैथ्स में 10, फिजिक्स में 0 और केमिस्ट्री में 6 अंक पाकर दाखिला मिला है तो एक एससी/एसटी छात्र को 40 फीसदी रियायत मिलने से मैथ्स में 6, फिजिक्स में 0 और केमिस्ट्री में 3.6 अंक मिलने पर भी दाखिला मिलेगा।

यह बदलाव एससी/एसटी छात्रों का दाखिला बढ़ाने के मकसद से किया जा रहा है। 8 नए आईआईटी खुलने से रिजर्व कैटिगरी के छात्रों के लिए न सिर्फ ज्यादा सीटें होंगी बल्कि 27 फीसदी ओबीसी के लिए भी सीटें होंगी। यह सब जनरल कैटिगरी की सीटों को बिना छेड़े करना होगा। 2008 से 2010 के बीच एससी/एसटी के दाखिले में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी।

सभी आईआईटी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सूचित किया है कि इस साल की खाली पड़ी सीटों को अगले साल भी बरकरार रखा जाएगा जिन्हें अगले साल की कुल सीटों में मिला लिया जाएगा। आईआईटी के साल भर चलने वाले प्रिपेटरी कोर्स में दाखिला लेने वाले रिजर्व कैटिगरी के छात्रों के लिए स्कोर 50 फीसदी और घटा दिए जाएंगे। यह कोर्स एक प्रकार की फीडर क्लास है जिसमें आरक्षित वर्ग के छात्रों को आईआईटी में दाखिला पाने के लिए एक साल तक की ट्रेनिंग दी जाती है।

डायरेक्टरों ने फैसला किया कि वे जेईई-2009 परीक्षा सिंगापुर में भी कराए जाने के लिए मंत्रालय से अनुमति मांगेंगे।

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