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बिकवाली की आंधी में शेयर धराशायी

Posted by cls On October - 7 - 2008

वित्तीय संकट की दहशत में लुढ़के विश्व भर के शेयर बाजार


वैश्विक वित्तीय संकट और गहराने की आशंका के बीच चौतरफा बिकवाली की आंधी में आज देश के शेयर बाजार उड़ गए। बीएसई का सेंसेक्स 725 अंक की भारी गिरावट से 19 सितम्बर 2006 के बाद पहली बार 12000 अंक से नीचे चला गया। एनएसई के निफ्टी ने 215 अंक का गोता लगाया।

  • बीएसई का सेंसेक्स शुक्रवार के 12526.32 अंक की तुलना में 12284.49 अंक पर 242 अंक नीचा खुला और इससे ऊपर की तरफ नहीं देख पाया। ताबड़तोड़ बिकवाली के बीच नीचे में 11732.97 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर सेंसेक्स 724.62 अंक अर्थात 5.78 प्रतिशत के नुकसान से 11801.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स का यह स्तर 19 सितम्बर 2006 के 11970.47 अंक के बाद का निम्नतम है।
  • एनएसई का निफ्टी 215.05 अंक अर्थात 5.66 प्रतिशत के नुकसान से 3602.35 अंक रह गया।
  • बीएसई के अन्य सूचकाकों में मिडकैप में 7.13 प्रतिशत की गिरावट रही। इसका सूचकांक 333.57 अंक गिरकर 4344.23 अंक रह गया। स्मालकैप 378.47 अंक अर्थात 6.92 प्रतिशत के नुकसान से 5086.93 अंक पर बंद हुआ।

बिकवाली का दबाव इतना अधिक का था बीएसई में किसी भी वर्ग के सूचकांक को बढ़त नहीं मिल पाई। सेंसेक्स से जुड़ी 30 कंपनियों में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि नुकसान वाली पहली 20 कंपनियों के शेयरों में पांच फीसद से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सर्वाधिक गिरावट स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के शेयर में 15.26 फीसद अर्थात 60.40 रूपए की गिरावट आई। जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर में 13.57 प्रतिशत अर्थात 13.93 रूपए का नुकसान हुआ। कंपनी का शेयर 100.35 रूपए रहगया। निफ्टी मिडकैप सात फीसद टूटकर 1622.40 अंक रह गया। निफ्टी बैंक में 5560.55 अंक पर 4.02 फीसद की गिरावट आई। यूएस लाइट क्रूड की कीमत इस वर्ष फरवरी के बाद पहली बार 90 डालर प्रति बैरल से नीचे बोली गई।

अमेरिका के वित्तीय संकट से राहत के लिए 700 अरब डालर के पैकेज को मंजूरी का शेयर बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। चौतरफा घबराहपूर्ण बिकवाली रही और पूरे सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी टूटते रहे।

एशियाई शेयर बाजारों का भी बुरा हाल था। एक सप्ताह के राष्ट्रीय अवकाश के बाद खुला चीन का शेयर बाजार बिकवाली के दबाव में रहा। शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 5.23 प्रतिशत के नुकसान से 2173.738 अंक रह गया। जापान का निक्केई साढ़े चार वर्ष के न्यूनतम 10473.09 अंक पर बंद हुआ। इसमें 465.05 अंक का नुकसान हुआ। एशिया के अन्य बाजारों का भी बुरा हाल था। कोरिया कम्पोजिट सूचकांक 4.29 प्रतिशत के नुकसान से 1358.75 अंक रह गया। जनवरी 2007 के बाद यह इसका निम्न स्तर था। हांगकांग का हैंगसैंग पांच प्रतिशत टूटकर पिछले दो वर्ष में पहली बार 17 हजार अंक से नीचे चला गया।

ब्रिटेन के शेयर बाजारों की स्थिति भी खराब रही। ब्रिटेन का मुख्य सूचकांक एफटीएसई 100 सूचकांक 233 अंक के नुकसान से 4749 अंक पर खुला। ब्रिटेन में बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का अधिक दबाब नजर आया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें आठ माह के बाद पहली बार 90 डालर प्रति बैरल से नीचे आईं किंतु वैश्विक मंदी की आशंका ने इस सकारात्मक खबर का भी असर नहीं दिखाया। बाजार विशलेषकों का कहना है कि शेयर बाजारों में यह दहशत बनी हुई है कि विदेशी संस्थागत तेजी से अपना धन निकाल सकते हैं जो बाजार पर भारी पड़ रहा है।

Courtsey:/www.rashtriyasahara.com

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