एग्जाम की डेट-शीट आने पर , कई विद्यार्थियों के चेहरे का रंग उड जाता है। सूखे हुए होंठ और माथे परतनाव के भाव से यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि वे एग्जाम को लेकर बेहदतनाव में है। कभी वे दांतों से नाखून काटते है, तो कभी हाथ में पेन या पेंसिल को बार-बार हिलाते हुए नजर आते है। दरअसल, बोर्ड परीक्षा के अब कुछ गिने-चुने दिन ही बचे होते हैं। दरअसल, यही वह मनोदशा है, जिसे स्ट्रेस कहा जाता है। मनोवैज्ञानिकों केअनुसार, किसी भी काम को दक्षता से करने में व्यक्ति के स्नायू-तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर दबाव पडता है। वास्तव में, नर्व पर पडने वाले इसीदबाव के कारण ही हमें स्ट्रेस की अवस्था से गुजरना होता है। वैसे, एक सच यह भी है कि एक ओर हल्का स्ट्रेस, जहां हमारी कार्य-क्षमता को बढाता है और हमें समय-सीमा के अंदर बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है, वहीं दूसरी ओर, एक सीमा से अधिक स्ट्रेस के कारण हमें कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड सकता है।
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स्ट्रेस के लक्षण
स्ट्रेस के कारण हमें न केवल शारीरिक और मानसिक, बल्कि कई अन्य तरह की व्यावहारिक परेशानियां भी होसकती हैं। वैसे, इसके कुछ प्रमुख लक्षण हैं..
- एकाग्रता में कमी (स्टडी में कंसन्ट्रेट न कर पाना)।
- थकावट महसूस करना।
- घबराहट होना, सांस फूलना और चक्कर आना।
- शरीर का तापमान ज्यादा बढना या घटना, अधिक पसीना और हृदय गति बढना।
- किसी न किसी वस्तु को छेडते या उससे खेलते रहना।
- भूख अधिक या बिल्कुल कम लगना।
- बार-बार मुंह सूखना।
- पेट खराब होना आदि।
कैसे मिलेगी निजात?
कर्म किए जा..
दोस्तो, यदि आप भी पढाई पर ध्यान देने की बजाय नतीजों के बारे में अधिक सोचते हैं, तो इस चिंता में आप एग्जाम पर कंसन्ट्रेट नहीं कर पाएंगे। वैसे, ज्यादातर बच्चे यही सोचते रहते हैं कि उन्होंने जो कुछ भी अब तक पढाहै, वे सब परीक्षा भवन में जाते ही वे भूल जाएंगे या उनका दिमाग ब्लैंक हो जाएगा। सच तो यह है कि इसी उधेडबुनमें वे अपना कीमती समय खराब कर लेते हैं। यदि आप भी कुछ इसी तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं, तो मन में इस तरह के भाव को आने ही न दें, बल्कि शांत मन से पढाई पर एकाग्र रहें। यानी कर्म किए जा, फल की इच्छा न कर ऐ इनसान.. यही है गीता का ज्ञान..
बनाएं टाइम टेबल
एग्जामिनेशन डेट-शीट के अनुसार, प्रति दिन हर सब्जेक्ट को उचित समय देते हुए एक टाइम टेबल तैयार करें औरउसी के अनुरूप पढाई भी करें। साथ ही, प्रत्येक सब्जेक्ट का, जो टॉस्क आप पूरा करने की सोच रहे हैं, उसे उसी दिनपूरा करें। याद रखें, काल करे, सो आज कर, आज करे, सो अब..।
प्लानिंग पर दें ध्यान
अपनी क्षमता और दक्षता के अनुसार, आप इस बात का निर्णय कर सकते हैं कि किस टॉपिक अथवा सब्जेक्ट परआपको कितना टाइम देना है! दरअसल, प्लानिंग से आप एग्जामिनेशन स्ट्रेस को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
नियमित करें व्यायाम
स्ट्रेस से निजात पाने का एक उपाय यह भी है कि आप रोजाना कुछ समय व्यायाम और योग के लिए भी जरूरनिकालें।यदि आप सुबह का समय चुनते हैं, तो आपके लिए यह और लाभदायक होगा। दरअसल, ऐसा करने से नकेवल शरीर, बल्कि आपके दिमाग दोनों को स्फूर्ति और ताजगी मिलेगी। हां, पढाई के दौरान जब आपको लगे किथकावट महसूस हो रही है, तो कुछ मिनट के लिए पढाई रोक कर लम्बी-लम्बी सांस लें। दरअसल, ऐसा करने से नकेवल कंसन्ट्रेशन बढेगी, बल्कि आप कम थकावट भी महसूस करेंगे।
ब्रेक जरूर लें
वैज्ञानिक शोध में यह पाया गया है कि हमारा दिमाग लगातार 40 मिनट से ज्यादा एक टॉपिक पर कंसन्ट्रेट नहींकर पाता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप पढाई के दौरान लगभग हर 40 मिनट के बाद कुछ समय का ब्रेकजरूर लें। इस दौरान आप ताजी हवा लेने कमरे से बाहर भी निकलें। वैसे, यह याद रखें, ब्रेक की अवधि में टीवी याकम्प्यूटर के प्रयोग से आपको दोहरा नुकसान हो सकता है। पहला, आपकी आंखों की थकान और बढ सकती है औरदूसरा, इन दोनों की लत ही ऐसी है कि इसके कारण ब्रेक की समय-सीमा निर्धारित नहीं रह पाएगी।
फोन का हो सही इस्तेमाल
यदि आप एग्जाम के दिनों में फोन पर चिपके रहते हैं, तो आपको इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए। हां, यदिकिसी टॉपिक पर अपने सहपाठी से बहुत आवश्यक बात करनी हो, तो फोन का इस्तेमाल जरूर करें। लेकिन फोन परदेर तक बातें करने के कारण इसकी तरंगों से न केवल आपके दिमाग पर अतिरिक्त दबाव पड सकता है, बल्किआपका स्ट्रेस-लेवॅल भी बढ सकता है।
लें पूरी नींद
आप में से ज्यादातर बच्चे ऐसे भी होंगे, जिन्होंने साल भर मस्ती की होगी। यानी पढाई पर ध्यान कम दिया होगाऔर अब जब एग्जाम नजदीक है, तो रात-रात भर जाग कर पढाई कर रहे होंगे। क्या आप भी ऐसे ही बच्चों में से हैं! यदि हां, तो ऐसा करने से आपको हर हाल में बचना चाहिए। याद रहे, दिमाग की ताजगी के लिए एक निर्धारितअवधि तक नींद लेना बहुत जरूरी है। और अच्छी नींद लेने के बाद ही आप अपना पाठ अच्छी तरह याद कर सकतेहैं।
परेशानियों को करें शेयर
अभी पिछले दिनों ही दिल्ली के गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली में एग्जाम स्ट्रेस को लेकर एक वर्कशॉप काआयोजन किया गया। वर्कशॉप में चाइल्ड ऐंड एडॉलेसेंट सायकिएट्रिस्ट डॉक्टर दीपक गुप्ता ने एग्जाम स्ट्रेस सेनिपटने के लिए कुछ खास सलाह दी..
मैं भी यह कर सकता हूं-हमेशा इस खयाल को मन में रखें
जब भी कोई टेंशन हावी होने लगे, तो उसे अपने अभिभावकों से शेयर करने के बाद आप काफी रिलैक्स महसूसकरेंगे। एग्जाम को लेकर कोई निगेटिव बातें हो रही हों, तो आप उस स्थान से तुरंत दूर हो जाएं और हमेशा पॉजिटिव माहौलमें ही रहने की कोशिश करे।
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