
सर्दियों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। बच्चे सर्दियों में बार-बार बीमार पड़ जाते हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय देशमुख बताते हैं कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी विकसित नहीं होती कि वे शरीर पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से मुकाबला कर सकें। इसके लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना जरूरी है।
पानी
सर्दियों में पानी ज्यादा पीने की आदत डालें। ठंड के कारण पानी पीने की इच्छा नहीं होती। गर्मियों में जितना पानी हम पी जाते हैं, सर्दियों में उसका 20 प्रतिशत भी नहीं पीते। वातावरण में नमी भी नहीं होती। ये स्थितियां त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को भी इस दौरान खूब पानी पिलाएं। सुबह उठकर गुनगुने पानी में नीबू, थोड़ा शहद डालकर पिएं। इससे पेट साफ होता है, त्वचा में चमक आती है। ठंड के मौसम में कॉलेस्ट्रोल का लेवल ठीक रखने के लिए आधा चम्मच मेथीदाना या दो-तीन कली लहसुन की चबाकर गुनगुना पानी लिया जा सकता है। खाने में हींग, अजवाइन जरूर खाएं। पेट का वात विकार दूर होगा।
जूस की जगह सूप
सर्दियों में आप भी तरह-तरह के सूप तैयार कर सकते हैं। घर में बना टमाटर सूप त्वचा और पूरे स्वास्थ्य के लिए आश्चर्यजनक कार्य करता है। जब भी सूप बनाएं, इसमें बटर और कालीमिर्च जरूर डालें। कालीमिर्च हाजमे और खांसी में फ ायदेमंद होती है। टमाटर सूप के अलावा आप मटर का सूप, दाल का सूप, कॉर्न सूप, वैजिटेबल सूप बना सकते हैं।
फल और हरी सब्जियां
अलग-अलग रंग के फ लों और सब्जियों की अपनी उपयोगिता है। त्वचा को चमकाने और स्वस्थ रखने वाले विटामिन सी युक्त फ लों की भरमार होने के साथ-साथ कुछ मौसमी चीजों में भी आपको सर्दियों की स्वास्थ्य समस्याओं के उपाय मिल जाएंगे। ठंड के मौसम में हरी सब्जियों का आनंद अवश्य लें। दूसरे मौसम में ताजी और पौष्टिक सब्जियां नहीं मिलतीं जैसे पालक, मेथी, बथुआ के साथ में मटर, गाजर, चुकंदर। ये ठंड में आपको फि ट रखेंगी। ब्रोकोली, गोभी, पालक जैसी हरी सब्जियों में विटामिन बी और मिनरल होते हैं। इनके सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। लाल रंग के फ ल और सब्जियो जैसे टमाटर और तरबूज में फाइटोकेमिकल्स होते हैं और लाइकोपीन नामक रसायन होता है, जो किसी प्रकार की आंतरिक क्षति या सूरज की किरणों से होने वाली त्वचा की क्षति से सुरक्षा करता है।
गहरे नारंगी और पीले रंग के फ लों में कैरोटिनाइड और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करते हैं। गाजर, कद्दू, मीठे आलू जैसी सब्जियां आंखों और त्वचा के लिए भी अच्छी होती हैं। सब्जियों में जहां प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में होते हैं, वहीं फ लों के सेवन से याददाश्त मजबूत बनती है और ये आपको हर समय तरोताजा रखते हैं। सुबह ताजे फ लों का सेवन करें। दोपहर के खाने में दो से तीन फ ल और एक सब्जी और सलाद खाएं। सलाद बनाने के लिए आप बींस और अंकुरित मटर का प्रयोग कर सकते हैं। रात के खाने में कम से कम दो सब्जियों का सेवन करें।
गुड़
गुड़ के सेवन से शरीर में ऊष्मा का संचार होता है। गुड़ में प्रोटीन, मैग्नीशियम, मिनरल्स, विटामिन, पोटेशियम, फॉस्फ ोरस आदि प्रचुर मात्रा में होते हैं। ठंड से सुस्त पड़ गए रक्त प्रवाह को यह तेज करता है, पाचन शक्ति को बढ़ाता है। बच्चे गुड़ खाना पसंद नहीं करते, उन्हें गुड़ का हलवा बनाकर खिलाएं। चटपटे व्यंजनों की ओर आकर्षित होने की बजाय सर्दी-जुकाम, खांसी से बचने के लिए ताजे फलों और सब्जियों का सेवन करें।
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Producer: Ramesh Sippy
o mere rabba dil kyun banaaya, tanhaai se kyun tadapana sikhaaya -2